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आप सभी को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।
आज गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर हमे बालगंगाधर तिलक या (लोकमान्य तिलक) को स्मरण करना चाहिए, इन्ही के कठिन परिश्रम के फलस्वरूप आज हम गणेश चतुर्थी के सार्वजनिक त्यौहार को इस रूप में मानते है।
वैसे तो गणेश चतुर्थी का यह सार्वजनिक उत्सव कब से मनाया जा रहा है की कोई यथार्थ तिथि का ज्ञान नही है परन्तु यह कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित था।
शिवजी महाराज जिन्होंने सन 1600 में खुनी मुग़लों को हराकर मराठा साम्राज्य की स्थापना कि ने गणेश उत्सव का प्रचार किया मगर मराठा साम्राज्य के बाद अंग्रेजो के अत्याचारो के कारण सार्वजनिक समारोह काफी सीमित हो गया था।
आज पुनः इस
महोत्सव को मिशनरी एवं मुल्ला पोषित न्यायतंत्र से खतरा उत्पन्न हो रहा है जिसका परिष्कार करना अत्यंत ही आवश्यक है।

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